मत चाहो किसी को इतना की बाद मैं रोना पड़े क्योंकी ये दुनिया दिल से नही जरुरत से प्यार करती है...

मत चाहो किसी को इतना की बाद मैं रोना पड़े क्योंकी ये दुनिया दिल से नही जरुरत से प्यार करती है...

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वहाँ से पानी की एक बूँद भी न निकली, तमाम उम्र जिन आँखों को झील लिखते रहे।

दो चार आँसू ही आते हैं पलकों के किनारे पे, वर्ना आँखों का समंदर गहरा बहुत है।

जार सी ज़िन्दगी है अरमान बहुत है, हमदर्द कोई नहीं यह, इंसान बहुत है, दिल का दर्द सुनाएं तो सुनाये किसको, जो दिल के करीब है वो अनजान बहुत है.

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!

जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें, वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।

बेखबर बेवजह बेरुखी ना किया कर कोई टूट जाता है तेरा लहजा बदलने से ।

वहाँ से पानी की एक बूँद भी न निकली, तमाम उम्र जिन आँखों को झील लिखते रहे।

दो चार आँसू ही आते हैं पलकों के किनारे पे, वर्ना आँखों का समंदर गहरा बहुत है।

जार सी ज़िन्दगी है अरमान बहुत है, हमदर्द कोई नहीं यह, इंसान बहुत है, दिल का दर्द सुनाएं तो सुनाये किसको, जो दिल के करीब है वो अनजान बहुत है.

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!

जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें, वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।

बेखबर बेवजह बेरुखी ना किया कर कोई टूट जाता है तेरा लहजा बदलने से ।