जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!
जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…
कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था
बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है
लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी, पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया
बारिशें हो ही जाती हैं शहर में फ़राज़, कभी बादलों से तो कभी आँखों से।
जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!
जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…
कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था
बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है
लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी, पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया
बारिशें हो ही जाती हैं शहर में फ़राज़, कभी बादलों से तो कभी आँखों से।