मत चाहो किसी को इतना की बाद मैं रोना पड़े क्योंकी ये दुनिया दिल से नही जरुरत से प्यार करती है...

मत चाहो किसी को इतना की बाद मैं रोना पड़े क्योंकी ये दुनिया दिल से नही जरुरत से प्यार करती है...

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जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो. जो आँसू जमीं पर नहीं गिरते दिल चीर जाते हैं।

चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।

चलो अच्छा हुआ कि धुंध पड़ने लगी दूर तक तकती रहती थी निगाहें उसे।

आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।

वो निभा रही थी मोहब्बत अच्छे से.. कभी इधर... कभी उधर..

रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..

जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो. जो आँसू जमीं पर नहीं गिरते दिल चीर जाते हैं।

चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।

चलो अच्छा हुआ कि धुंध पड़ने लगी दूर तक तकती रहती थी निगाहें उसे।

आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।

वो निभा रही थी मोहब्बत अच्छे से.. कभी इधर... कभी उधर..

रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..