बेशक तू बदल ले अपनी मौहब्बत लेकिन ये याद रखना,, तेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ सकता!!
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की..तुम्हें देखा तो लगा..एक बार और देख लूँ
बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए
अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है
बेशक तू बदल ले अपनी मौहब्बत लेकिन ये याद रखना,, तेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ सकता!!
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की..तुम्हें देखा तो लगा..एक बार और देख लूँ
बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए
अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है