चर्चा नशे की हो रही थी, मैं ज़िक्र तेरी निगाहों का कर आया

चर्चा नशे की हो रही थी, मैं ज़िक्र तेरी निगाहों का कर आया

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बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।

नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता

तुम दूर होकर ♥️ भी इतने अच्छे लगते हो, ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते। ?

बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।

नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता

तुम दूर होकर ♥️ भी इतने अच्छे लगते हो, ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते। ?