सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो..... और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
दिल में रहते हैं कुछ लोग ... जिनका नाम ज़ुबान से लेना ठीक नहीं होता
कितनी आसानी से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियो से बोझ थे हम तुम्हारे उपर.
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो..... और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
दिल में रहते हैं कुछ लोग ... जिनका नाम ज़ुबान से लेना ठीक नहीं होता
कितनी आसानी से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियो से बोझ थे हम तुम्हारे उपर.