वक़्त निकल जाने के बाद जो कदर करे उससे कदर नहीं अफ़सोस कहते है..

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नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए

तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |

नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए

तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |