वक़्त निकल जाने के बाद जो कदर करे उससे कदर नहीं अफ़सोस कहते है..

वक़्त निकल जाने के बाद जो कदर करे उससे कदर नहीं अफ़सोस कहते है..

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मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....

कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर

रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....

कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर

रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !