लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||