हसते रहोगे तो दुनिया साथ है वरना आसुओ को तो आँखों में भी जगह नहीं मिलती..

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यदि आपकी ख़ुशी इस बात पर निर्भर करती है कि कोई और क्या करता है तो मेरा मानना है की आपको कोई समस्या है .

रिचर्ड बैक

वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.

चाणक्य

रब बुरी नज़र से बचाये आपको, चाँद सितारो से सजाये आपको, गम क्या होता है आप भूल ही जाये, खुदा ज़िन्दगी में इतना हसाये आपको…

प्रसन्नता हम पर ही निर्भर करती है .

अरस्तु

ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों.

महात्मा गाँधी

जो चाहा वो मिल जाना सफलता है. जो मिला उसको चाहना प्रसन्नता है.

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