हसते रहोगे तो दुनिया साथ है वरना आसुओ को तो आँखों में भी जगह नहीं मिलती..

हसते रहोगे तो दुनिया साथ है वरना आसुओ को तो आँखों में भी जगह नहीं मिलती..

Share:

More Like This

प्रसन्नता हम पर ही निर्भर करती है .

अरस्तु

छोटी छोटी बातो मे आनंद खोजना चाहिए क्योकि बङी बङी तो जीवन मे कुछ ही होती है।

जब महत्त्वाकांक्षाएं ख़तम होती हैं, तब ख़ुशी शुरू होती है.

थोमस मर्टन

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों. ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी.

चाणक्य

ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों.

महात्मा गाँधी

पैसे ने कभी किसी को ख़ुशी नहीं दी है, और न देगा, उसके स्वभाव में ऐसा कुछ नहीं है जिससे ख़ुशी उत्पन्न हो. ये जितना ज्यादा जिसके पास होता है वो उतना ही और इसे चाहता है .

बेंजामिन फ्रैंकलिन

प्रसन्नता हम पर ही निर्भर करती है .

अरस्तु

छोटी छोटी बातो मे आनंद खोजना चाहिए क्योकि बङी बङी तो जीवन मे कुछ ही होती है।

जब महत्त्वाकांक्षाएं ख़तम होती हैं, तब ख़ुशी शुरू होती है.

थोमस मर्टन

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों. ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी.

चाणक्य

ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों.

महात्मा गाँधी

पैसे ने कभी किसी को ख़ुशी नहीं दी है, और न देगा, उसके स्वभाव में ऐसा कुछ नहीं है जिससे ख़ुशी उत्पन्न हो. ये जितना ज्यादा जिसके पास होता है वो उतना ही और इसे चाहता है .

बेंजामिन फ्रैंकलिन