सिर्फ हम ही तेरे दिल मैं बस यही ग़लतफ़हमी हमें बर्बाद कर गई

सिर्फ हम ही तेरे दिल मैं बस यही ग़लतफ़हमी हमें बर्बाद कर गई

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अर्ज़ किया है… कि… मेरी शायरी में अब भी दर्द की कमी है शायद तेरे धोखे का इंतज़ार है इस दिल को!

प्यार में धोखा खाने के बाद सम्भलने में वर्षों लग जाते हैं.

हर किसी पर भरोसा करने वाले लोग जरुर धोखा खाते हैं.

हमने उन पर आँखे बंद करके विश्वास क्या किया, हम अंधे हैं उन्होंने यह महसूस भी करवा दिया। ??

बिन मागें जो मिल जाए वो है धोखा और फरेब, और जो मांगकर भी ना मिले वो है सच्चा इश्क….।

तुने भी वही किया जो सब करते हैं, पास आया.. सपना दिखाया.. अपना बनाया.. और फिर बिना कसुर बीच रास्ते में ही छोड़ गए । ❤?❤

अर्ज़ किया है… कि… मेरी शायरी में अब भी दर्द की कमी है शायद तेरे धोखे का इंतज़ार है इस दिल को!

प्यार में धोखा खाने के बाद सम्भलने में वर्षों लग जाते हैं.

हर किसी पर भरोसा करने वाले लोग जरुर धोखा खाते हैं.

हमने उन पर आँखे बंद करके विश्वास क्या किया, हम अंधे हैं उन्होंने यह महसूस भी करवा दिया। ??

बिन मागें जो मिल जाए वो है धोखा और फरेब, और जो मांगकर भी ना मिले वो है सच्चा इश्क….।

तुने भी वही किया जो सब करते हैं, पास आया.. सपना दिखाया.. अपना बनाया.. और फिर बिना कसुर बीच रास्ते में ही छोड़ गए । ❤?❤