मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला
बस तुम रूठा मत करो कभी मुझसे, क्यू की सुना है जान रूठ जाए तो कोई जी नहीं पता |
लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो
खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा,.,., तो खुद आज़माया होगा,.,., हमारी तो औकात ही क्या है,.,., इस इश्क़ ने खुदा को भी रुलाया होगा
क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला
बस तुम रूठा मत करो कभी मुझसे, क्यू की सुना है जान रूठ जाए तो कोई जी नहीं पता |
लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो
खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा,.,., तो खुद आज़माया होगा,.,., हमारी तो औकात ही क्या है,.,., इस इश्क़ ने खुदा को भी रुलाया होगा
क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥