पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!
तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास, लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको
बात करने से ही बात बनती है..बात ना करने से, बातें बन जाती है ..!
याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की
मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..
पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!
तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास, लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको
बात करने से ही बात बनती है..बात ना करने से, बातें बन जाती है ..!
याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की
मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..