कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता, बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।
ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है
हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं
समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
बेवजह इंतज़ार
कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता, बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।
ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है
हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं
समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
बेवजह इंतज़ार