उनकी ना थी कोई खता हम ही गलत समझ बैठे वो मोहब्बत से बात करते थे हम मोहब्बत समझ बैठे...

उनकी ना थी कोई खता हम ही गलत समझ बैठे वो मोहब्बत से बात करते थे हम मोहब्बत समझ बैठे...

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तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.

आइना कोई ऐसा बना दे ऐ खुदा जो, इंसान का चेहरा नहीं किरदार दिखा दे!

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती।

मत पूछ कैसे गुज़र रही है ज़िन्दगी, उस दौर से गुज़र रही हूँ जो गुजरता ही नहीं

हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर.

तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.

आइना कोई ऐसा बना दे ऐ खुदा जो, इंसान का चेहरा नहीं किरदार दिखा दे!

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!

उसे किस्मत समझ कर सीने से लगाया था, भूल गए थे के किस्मत बदलते देर नहीं लगती।

मत पूछ कैसे गुज़र रही है ज़िन्दगी, उस दौर से गुज़र रही हूँ जो गुजरता ही नहीं

हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर.