लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
ज़रा सा खुश क्या होती हूँ किस्मत को बुरा लग जाता है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे
लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
ज़रा सा खुश क्या होती हूँ किस्मत को बुरा लग जाता है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे