काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

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यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए !

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!

यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए !

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!