काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले
ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले
ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में