मरते तो कई होंगे तुम पर मगर मैं जीता हूँ तुम पर..

मरते तो कई होंगे तुम पर मगर मैं जीता हूँ तुम पर..

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तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .

तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी

यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की..तुम्हें देखा तो लगा..एक बार और देख लूँ

नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके

जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं

तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .

तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी

यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की..तुम्हें देखा तो लगा..एक बार और देख लूँ

नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके

जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं