तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

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प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए

वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…

कभी-कभी किसी से ऐसा रिश्ता भी बन जाता हैं...कि हर चीज से पहले उसी का ख्याल आता है

तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए

वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…

कभी-कभी किसी से ऐसा रिश्ता भी बन जाता हैं...कि हर चीज से पहले उसी का ख्याल आता है

तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता