तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

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ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ

कितने कम लफ्जों मे जिंदगी को बयान करूँ, लो तुम्हारा नाम लेकर किस्सा तमाम करूँ

कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...

तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे, मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी

ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ

कितने कम लफ्जों मे जिंदगी को बयान करूँ, लो तुम्हारा नाम लेकर किस्सा तमाम करूँ

कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...

तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे, मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी