तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

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मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !

यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की..तुम्हें देखा तो लगा..एक बार और देख लूँ

जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं

तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है

मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !

यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की..तुम्हें देखा तो लगा..एक बार और देख लूँ

जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं

तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है