मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, माना कि इसका कुछ अंजाम नहीं होता, अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ, तो कसम से कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता.
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, माना कि इसका कुछ अंजाम नहीं होता, अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ, तो कसम से कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता.
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है