एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है
खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .
बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है
खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .
बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है