तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

तुम बिलकुल चाँद की तरह हो नूर भी उतना गुरूर भी उतना और मुझसे दूर भी उतना ...

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मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर, आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है.

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....

मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर, आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है.

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....