मुझे खींच ही लेती है हर बार उसकी मोहब्बत वरना बहोत बार मिला हूँ आखरी बार उससे...

मुझे खींच ही लेती है हर बार उसकी मोहब्बत वरना बहोत बार मिला हूँ आखरी बार उससे...

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काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो

बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए

बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो

बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए

बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना