गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .