पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
अब अगर तुम जाने ही लगे हो तो पलट कर मत देखना, *क्योकि मौत की सजा लिखने के बाद कलम तोड़ दी जाती है*
नहीं मिलेगा तुझे कोई हम सा, जा इजाजत है ज़माना आजमा ले !!
कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले, मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
अब अगर तुम जाने ही लगे हो तो पलट कर मत देखना, *क्योकि मौत की सजा लिखने के बाद कलम तोड़ दी जाती है*
नहीं मिलेगा तुझे कोई हम सा, जा इजाजत है ज़माना आजमा ले !!
कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले, मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...