अगली मुलाकात के लिए हम दोनों की जरुरत पड़ेगी मुझे थोड़ी हिम्मत की और तुम्हें थोड़ी फुर्सत की..

अगली मुलाकात के लिए हम दोनों की जरुरत पड़ेगी मुझे थोड़ी हिम्मत की और तुम्हें थोड़ी फुर्सत की..

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बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....

कितना प्यार करते है तुमसे ये कहा नहीं जाता, बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा नहीं जाता

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....

कितना प्यार करते है तुमसे ये कहा नहीं जाता, बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा नहीं जाता