कुछ लम्हें अपने लिए संभालकर रखना साहब, ये दुनिया की भीड़ है लूट लेगी हसकर...

कुछ लम्हें अपने लिए संभालकर रखना साहब, ये दुनिया की भीड़ है लूट लेगी हसकर...

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माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता है तो दिल तोड़कर ही जाता है

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!

क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता है तो दिल तोड़कर ही जाता है

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!

क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं