ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..
उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही
जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ
ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..
उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही
जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ