चीज़ों की किम्मत मिलने से पहले होती है और इंसान की किम्मत खोने के बाद..

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तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

जितना तुझे किसी ने चाहा भी न होगा उतना तो मैंने सिर्फ तुझे याद किया है

जब मिलो किसी से तो ज़रा दूर का रिश्ता रखना बहुत तड़पते हैं अक्सर सीने से लगने वाले

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।

जितना तुझे किसी ने चाहा भी न होगा उतना तो मैंने सिर्फ तुझे याद किया है

जब मिलो किसी से तो ज़रा दूर का रिश्ता रखना बहुत तड़पते हैं अक्सर सीने से लगने वाले

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..