चीज़ों की किम्मत मिलने से पहले होती है और इंसान की किम्मत खोने के बाद..

चीज़ों की किम्मत मिलने से पहले होती है और इंसान की किम्मत खोने के बाद..

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बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो

बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो