तुम मोहबत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो कभी एक बूंद को तरसाते हो
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
तुम मोहबत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो कभी एक बूंद को तरसाते हो
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही