चीज़ों की किम्मत मिलने से पहले होती है और इंसान की किम्मत खोने के बाद..

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मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .

हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है

पता नहीं क्यों मोहब्बत उस शख्स से हो जाती है जिसे हमारी बिलकुल क़दर नहीं होती न हमारी मोहब्बत की न हमारे एहसास की

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .

हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है

पता नहीं क्यों मोहब्बत उस शख्स से हो जाती है जिसे हमारी बिलकुल क़दर नहीं होती न हमारी मोहब्बत की न हमारे एहसास की