बुजुर्गो का आशीर्वाद... जाया कहा होता, है ठंडक वह भी होती है, सूखे पेड़ का.. साया जहा होता है||

बुजुर्गो का आशीर्वाद... जाया कहा होता, है ठंडक वह भी होती है, सूखे पेड़ का.. साया जहा होता है||

Share:

More Like This

जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर ख्वाइशें सूखती रही और पलकें भीगती रही।

Emotions में इतना ज्यादा बह जाना भी ठीक नहीं होता है, कि आप गलत का साथ देने लगें और सच से नजरें चुराने लगें.

जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!

ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।

उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत, हम तो बस उसके भरोसे पर बिक गए।

जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर ख्वाइशें सूखती रही और पलकें भीगती रही।

Emotions में इतना ज्यादा बह जाना भी ठीक नहीं होता है, कि आप गलत का साथ देने लगें और सच से नजरें चुराने लगें.

जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!

ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।

उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत, हम तो बस उसके भरोसे पर बिक गए।