बुजुर्गो का आशीर्वाद... जाया कहा होता, है ठंडक वह भी होती है, सूखे पेड़ का.. साया जहा होता है||

बुजुर्गो का आशीर्वाद... जाया कहा होता, है ठंडक वह भी होती है, सूखे पेड़ का.. साया जहा होता है||

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अहसास बदल जाता है वक्त के साथ और पता भी नही चलता है, क्योंकि मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से जो होती हैं.

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर ख्वाइशें सूखती रही और पलकें भीगती रही।

वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।

जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।

घुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती, घुस्सा आने पर शांत बैठने पर ताकत ज़रूर लगती है।

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.

अहसास बदल जाता है वक्त के साथ और पता भी नही चलता है, क्योंकि मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से जो होती हैं.

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर ख्वाइशें सूखती रही और पलकें भीगती रही।

वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।

जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।

घुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती, घुस्सा आने पर शांत बैठने पर ताकत ज़रूर लगती है।

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.