रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
ज़िंदगी में प्यार क्या होता है ये उस शक्स से पूछो जिसने दिल टूटने के बाद भी इंतज़ार किया हो
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
ज़िंदगी में प्यार क्या होता है ये उस शक्स से पूछो जिसने दिल टूटने के बाद भी इंतज़ार किया हो
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....