रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

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नींद आएगी तोह इस तरह सोयेंगे मुझे जगाने के लिया लोग रोयेंगे

बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...

तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं

नींद आएगी तोह इस तरह सोयेंगे मुझे जगाने के लिया लोग रोयेंगे

बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...

तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं