कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..

कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..

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रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।

रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग

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एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।