न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!

न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!

Share:

More Like This

तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते

डाल कर...आदत बेपनाह मोहब्बत की...अब वो कहते है...कि...समझा करो वक़्त नही है...

उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते

डाल कर...आदत बेपनाह मोहब्बत की...अब वो कहते है...कि...समझा करो वक़्त नही है...

उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के