कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती