सफलता के लिए सिर्फ कल्पना ही नहीं, सार्थक कर्म भी जरूरी है सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, सीढ़ियों पर चढ़ना भी जरूरी है.
पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है।
स्मार्ट बनो क्योंकि कोई भी आपका रिजल्ट देखता है मेहनत नही
सफलता के लिए सिर्फ कल्पना ही नहीं, सार्थक कर्म भी जरूरी है सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, सीढ़ियों पर चढ़ना भी जरूरी है.
पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है।
स्मार्ट बनो क्योंकि कोई भी आपका रिजल्ट देखता है मेहनत नही