आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
लहज़े कब तक मीठे रखने है आजकल ये ज़रूरतें तय करती है
ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो, क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से, मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो
{ दुनिया सिर्फ..}
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
लहज़े कब तक मीठे रखने है आजकल ये ज़रूरतें तय करती है
ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो, क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से, मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो
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