जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।

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साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’

"हर इंसान में कुछ न कुछ प्रतिभा होती है लेकिन अक्सर लोग इसे दूसरों के जैसा बनने में नष्ट कर देते हैं"

अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..

बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!

एक अच्छी शुरुआत के लिए कोई भी दिन बुरा नहीं होता

किसी व्यक्ति के प्रति इतना भी समर्पण नही होना चाहिये की आप स्वयं को धीरे धीरे खोने लगे

साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’

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अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..

बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!

एक अच्छी शुरुआत के लिए कोई भी दिन बुरा नहीं होता

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