झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
अपनी परेशानियों की वजह दूसरों को मानने से आपकी परेशानियां कभी कम नहीं हो सकती हैं।
झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
अपनी परेशानियों की वजह दूसरों को मानने से आपकी परेशानियां कभी कम नहीं हो सकती हैं।