ऊँचे ख्वाबों के लिए... दिल की गहराई से काम करना पड़ता है यूँ ही नहीं मिलती सफलता किसी को.. मेहनत की आग में दिन-रात जलना पड़ता है
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
ऊँचे ख्वाबों के लिए... दिल की गहराई से काम करना पड़ता है यूँ ही नहीं मिलती सफलता किसी को.. मेहनत की आग में दिन-रात जलना पड़ता है
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो