चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!

चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!

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ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

यकीनन मुझे तलाशती हैं तेरी आँखें....ये बात अलग है,, तुम ज़ाहिर नही होने देते...

हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!

ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

यकीनन मुझे तलाशती हैं तेरी आँखें....ये बात अलग है,, तुम ज़ाहिर नही होने देते...

हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!