चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए
हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए
हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है