नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।
हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।
हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .