खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे
जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे
जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए