वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम