कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है

कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है

Share:

More Like This

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.

बहुत कुछ पाने वाले बहुत कुछ खोया करते हैं, इस दुनिया में हस्सने वाले सबसे ज़्यादा रोया करते हैं

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.

बहुत कुछ पाने वाले बहुत कुछ खोया करते हैं, इस दुनिया में हस्सने वाले सबसे ज़्यादा रोया करते हैं

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!