जिंदगी देने वाले, मरता छोड़ गये, अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये, जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की, वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये”

जिंदगी देने वाले, मरता छोड़ गये, अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये, जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की, वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये”

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क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..

रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..

रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...

कभी ये मत सोचना की याद नहीं करते, हम रात की आखिरी और सुबह की पहली सोच हो तुम

क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..

रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..

रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...

कभी ये मत सोचना की याद नहीं करते, हम रात की आखिरी और सुबह की पहली सोच हो तुम