शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

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किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है

तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया

किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है

तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया