तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.

तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.

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अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।

वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।

वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है