सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

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मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.

जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने

बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.

जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने

बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....