"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
कौन कहता है तेरे दर से मांगने वाला गरीब होता है जो तेरे दर तक पहुच जाय वो सबसे बड़ा खुशनसीब होता है
ॐ नमः शिवाय॥
नहाए धोए से हरी मिले तो मै नहाऊं सौ बार हरि तो मिले निर्मल हृदय से प्यारे मन का मैल उतार |
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
कौन कहता है तेरे दर से मांगने वाला गरीब होता है जो तेरे दर तक पहुच जाय वो सबसे बड़ा खुशनसीब होता है
ॐ नमः शिवाय॥
नहाए धोए से हरी मिले तो मै नहाऊं सौ बार हरि तो मिले निर्मल हृदय से प्यारे मन का मैल उतार |
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥