मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

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अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो

अपनी परेशानियों की वजह दूसरों को मानने से आपकी परेशानियां कभी कम नहीं हो सकती हैं।

सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर

मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही

"बहुत मुश्किल नहीं हैं, ज़िंदगी की सच्चाई समझना, "जिस तराज़ू ⚖पर दूसरों को तौलते हैं, उस पर कभी ख़ुद बैठ के देखिये।

"एक्सपीरिंयस वो है जो आपको तब मिलता है, जब आपको वो नही मिलता है जो आप चाहते थे।"

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"बहुत मुश्किल नहीं हैं, ज़िंदगी की सच्चाई समझना, "जिस तराज़ू ⚖पर दूसरों को तौलते हैं, उस पर कभी ख़ुद बैठ के देखिये।

"एक्सपीरिंयस वो है जो आपको तब मिलता है, जब आपको वो नही मिलता है जो आप चाहते थे।"