अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
अगर आप समय पर अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते है तो आप एक और गलती कर बैठते है आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते है
यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
अगर कोई तुम्हे नजर अंदाज करे तो उसे नजर आना ही छोड़ दो
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
अगर आप समय पर अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते है तो आप एक और गलती कर बैठते है आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते है
यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो