मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।

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जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है

जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पडे

अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही

हार आपसे आपका धन छीन सकती है लेकिन आपका

खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं, जो अपनों से अपनों की तरह मिलते हैं

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।

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जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पडे

अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही

हार आपसे आपका धन छीन सकती है लेकिन आपका

खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं, जो अपनों से अपनों की तरह मिलते हैं

अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।