जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।

जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।

Share:

More Like This

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे तो कोई भी उस पर विश्वास न करे।

ज़िन्दगी में जब तक भागते भागते काम करो जब तक सोते सोते पैसा आना शुरू न हो जाये

जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्करा दे। तो जीतने वाला भी.... जीत की खुशी खो देता है। ये हैं मुस्कान की ताकत...

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे तो कोई भी उस पर विश्वास न करे।

ज़िन्दगी में जब तक भागते भागते काम करो जब तक सोते सोते पैसा आना शुरू न हो जाये

जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्करा दे। तो जीतने वाला भी.... जीत की खुशी खो देता है। ये हैं मुस्कान की ताकत...

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं