कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️