यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग

यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग

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कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..

उसका वादा भी अजीब था, कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..

उसका वादा भी अजीब था, कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं