क्यों बोझ हो जाते है वो झुके कंधे साहब जिनकर चढ़कर तुम कभी मेला देखा करते थे

क्यों बोझ हो जाते है वो झुके कंधे साहब जिनकर चढ़कर तुम कभी मेला देखा करते थे

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ज़िन्दगी हमें बहुत सी चीजें मुफ्त में देती हैं लेकिन इनकी कीमत हमें तब पता चलती है जब ये चीजें कहीं खो जाती हैं।

एक तरफा Emotions हमेशा दुख देते हैं, इसलिए ऐसे emotions को समय रहते नियंत्रित कर लेना चाहिए

इस दिल ने कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहा, ये बात और है कि मुझे ये साबित करना नहीं आया।

जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!

वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए

जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।

ज़िन्दगी हमें बहुत सी चीजें मुफ्त में देती हैं लेकिन इनकी कीमत हमें तब पता चलती है जब ये चीजें कहीं खो जाती हैं।

एक तरफा Emotions हमेशा दुख देते हैं, इसलिए ऐसे emotions को समय रहते नियंत्रित कर लेना चाहिए

इस दिल ने कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहा, ये बात और है कि मुझे ये साबित करना नहीं आया।

जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!

वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए

जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।