क्यों बोझ हो जाते है वो झुके कंधे साहब जिनकर चढ़कर तुम कभी मेला देखा करते थे

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Emotional व्यक्ति को किसी दूसरे का साथ मिल जाए तो, वह कुछ भी कर सकता है.

इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।

थक कर ही बैठा हूँ, हार कर नहीं… सिर्फ बाजी हाथ से निकली है, जिन्दगी नहीं।

जो व्यक्ति आपकी भावनाओं को नहीं समझता हो, उससे बहुत ज्यादा नजदीकी नहीं बढ़ानी चाहिए.

किसी को चाह कर भी ना पाना दर्द देता है, मगर किसी को पाकर खो देना ज़िन्दगी तबाह कर देता है!

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

Emotional व्यक्ति को किसी दूसरे का साथ मिल जाए तो, वह कुछ भी कर सकता है.

इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।

थक कर ही बैठा हूँ, हार कर नहीं… सिर्फ बाजी हाथ से निकली है, जिन्दगी नहीं।

जो व्यक्ति आपकी भावनाओं को नहीं समझता हो, उससे बहुत ज्यादा नजदीकी नहीं बढ़ानी चाहिए.

किसी को चाह कर भी ना पाना दर्द देता है, मगर किसी को पाकर खो देना ज़िन्दगी तबाह कर देता है!

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था