प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??
उस दिन चैन तो तुम्हारा भी उड़ेगा जिस दिन हम तुम्हे लिखना छोड़ देंगे |
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |