वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

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क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....

बड़ी सादगी से उसने कह दिया, रात को सो भी लिया कर…. रातो को जागने से मोहब्बत लौट नहीं आती

सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं

क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....

बड़ी सादगी से उसने कह दिया, रात को सो भी लिया कर…. रातो को जागने से मोहब्बत लौट नहीं आती

सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं