तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा