उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

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गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!

अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!

अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....