यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
उसका वादा भी अजीब था, कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…
हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।
किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
उसका वादा भी अजीब था, कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…
हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।
किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में